केदारनाथ में भारी बर्फबारी और बारिश ने बढ़ाई ठंड, चारधाम तीर्थयात्रियों के लिए अलर्ट जारी

केदारनाथ में भारी बर्फबारी और बारिश ने बढ़ाई ठंड, चारधाम तीर्थयात्रियों के लिए अलर्ट जारी
  • मई, 2 2025

केदारनाथ में एक बार फिर बर्फबारी, चारधाम यात्रा पर मौसम की मार

उत्तराखंड की ऊंची पहाड़ियां मौसम की बदलती चाल की वजह से फिर सुर्खियों में हैं। केदारनाथ में 2 मई 2025 को अचानक आई भारी बर्फबारी ने सिर्फ स्थानीय लोगों ही नहीं, बल्कि हर साल लाखों की तादाद में पहुंचने वाले चारधाम यात्रियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। जहां एक तरफ देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल जैसे मैदानी इलाकों में तापमान दिन में 32 डिग्री तक दर्ज हुआ, वहीं केदारनाथ और उससे जुड़े इलाकों में पारा सीधे शून्य के करीब चला गया।

मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले कुछ दिनों तक चारधाम यात्रा मार्गों पर मौसम इसी तरह अनिश्चित रह सकता है। खासकर चारधाम यात्रा में शामिल तीर्थयात्रियों को एडवायजरी जारी की गई है कि वे न सिर्फ गर्म और थर्मल कपड़े साथ रखें, बल्कि मौसम की अद्यतित जानकारी के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं। प्रशासन ने सभी होटल और धर्मशालाओं को निर्देश दिए हैं कि यात्रियों को मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी साझा करें और इमरजेंसी हालात में जरूरी सहायता मुहैया कराएं।

यात्रियों की तैयारी और प्रशासन की चुनौतियां

यूँ तो मई महीने में ऐसे मौसम की उम्मीद कम ही रहती है, लेकिन पर्वतीय इलाकों में मौसम अचानक करवट बदलता है। इस बार बर्फबारी के चलते केदारनाथ क्षेत्र का तापमान शून्य से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया। इससे यात्री जहां ठिठुरन महसूस कर रहे हैं, वहीं स्थानीय व्यापार और होटल इंडस्ट्री पर भी असर पड़ा है। केदारनाथ मार्ग पर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य प्राथमिकता बनी हुई है। ठंड और कम ऑक्सीजन वाले इस क्षेत्र में बिना तैयारी के यात्रा खतरे से खाली नहीं।

बारिश और बर्फबारी की वजह से कई जगह पगडंडियों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे वाहन संचालन और पैदल यात्रा दोनों मुश्किल हो गए हैं। आईएमडी द्वारा जारी एडवायजरी में साफ लिखा गया है कि यात्रियों को अपडेटेड रोड़ कंडीशन, मौसम रिपोर्ट और अपना हेल्थ स्टेटस जांच कर ही आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही प्रशासन लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए है और अहम पड़ावों पर रेस्क्यू टीम भी तैनात कर दी गई हैं।

इस मौसम में तीर्थयात्रियों को अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े, पानी, और ऊंचाई पर चढ़ाई के लिए जरूरी दवाइयां अवश्य ले जाने की सलाह दी गई है। स्थानीय दुकानदारों ने भी कंबल, ग्लव्स, कैप और रेनकोट की सप्लाई बढ़ा दी है।

  • रात के समय निकलने से बचें, दिन में यात्रा करें
  • मौसम संबंधी अपडेट लगातार देखें
  • अंगूठी, छाता, और बारिश/बर्फबारी के समय ठहरने की व्यवस्था करें
  • जरूरतमंद हेल्पलाइन नंबर सेव करें

इस बार यात्रा की शुरुआत में बढ़ती ठंड और बर्फबारी ने श्रद्धालुओं को सतर्क रहने का संदेश दिया है। आगे भी जैसे-जैसे मौसम करवट लेता रहेगा, प्रशासन और यात्रियों दोनों को अलर्ट रहना होगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जल्दी सहायता दी जा सके।

8 टिप्पणि
  • Dr Dharmendra Singh
    Dr Dharmendra Singh मई 3, 2025 AT 11:25
    ये मौसम तो बस दिल टूट जाता है 😔 लेकिन अगर तैयारी से जाएं तो कुछ भी नहीं टूटता। गर्म कपड़े, ड्राई फ्रूट्स, और शांत दिमाग लेकर जाओगे तो भगवान केदारनाथ खुद रास्ता दिखा देंगे 🙏
  • sameer mulla
    sameer mulla मई 5, 2025 AT 06:59
    अरे ये सब बकवास है! जो लोग बर्फ में जाना चाहते हैं वो अपने घर से निकले ही क्यों? ये तीर्थयात्रा तो बस एक फैशन हो गई है! अब लोग इंस्टाग्राम के लिए जा रहे हैं न कि भगवान के लिए! ये ठंड तो बस एक चेतावनी है कि बंद करो ये बेकार की भीड़!
  • Prakash Sachwani
    Prakash Sachwani मई 7, 2025 AT 05:09
    ठंड है बर्फ है यात्रा बंद हो जाए तो अच्छा होगा
  • Pooja Raghu
    Pooja Raghu मई 7, 2025 AT 14:09
    ये सब मौसम बदलाव अमेरिका के ड्रोन्स की वजह से हो रहा है। वो पहाड़ों पर बर्फ पिघलाने के लिए लेजर चलाते हैं। ये चारधाम यात्रा उनका टेस्ट है कि भारत के लोग कितने आसानी से धोखा खा जाते हैं। अभी भी जाने वाले हैं? बस देखोगे क्या होता है...
  • Pooja Yadav
    Pooja Yadav मई 9, 2025 AT 10:23
    मैं भी पिछले साल केदारनाथ गई थी और बर्फ में फंस गई थी लेकिन स्थानीय लोगों ने मेरी मदद की थी। अगर आप बिना तैयारी के जाएंगे तो दिक्कत हो सकती है लेकिन अगर धीरे से जाएं और लोगों की मदद करें तो ये यात्रा बहुत खास बन जाती है। बस थोड़ी सी सावधानी से काम चल जाता है
  • Pooja Prabhakar
    Pooja Prabhakar मई 10, 2025 AT 05:50
    अरे भाई ये सब तो बस एक बड़ा राजनीतिक धोखा है। जब तक तुम चारधाम यात्रा कर रहे हो तब तक तुम लोगों का धोखा चल रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है तो ये सब जानबूझकर बनाया गया है ताकि तुम लोग अपनी बचत खर्च करो और होटल और दुकानदार अमीर हो जाएं। और फिर जब तुम बीमार हो जाओगे तो तुम्हें अस्पताल में लाया जाएगा और वहां तुम्हारे बैंक अकाउंट से पैसे काट लिए जाएंगे। ये सब एक सिस्टम है जिसमें तुम बस एक नंबर हो। अगर तुमने अपनी बुद्धि लगाई होती तो तुम इस बार घर पर बैठे रहते। ये जो लोग अभी भी जा रहे हैं वो बस एक जानवर हैं जो अपनी आत्मा को बेच रहे हैं।
  • Anadi Gupta
    Anadi Gupta मई 12, 2025 AT 00:42
    इस घटना के संदर्भ में एक वैज्ञानिक विश्लेषण करना आवश्यक है कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा और बर्फबारी के बढ़ने का कारण जलवायु परिवर्तन है जिसका प्रभाव ग्लेशियर्स के पिघलने और बाढ़ के घटनाक्रम पर पड़ रहा है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए आईएमडी के निर्देशों का पालन अनिवार्य है क्योंकि ऊंचाई पर ऑक्सीजन का स्तर घटने से हाइपोक्सिया की स्थिति उत्पन्न हो सकती है जिसका प्रभाव दिल और फेफड़ों पर पड़ता है। इसलिए यात्रा के लिए चिकित्सकीय स्वास्थ्य जांच और अनुकूलित गियर का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। इसके अलावा राज्य सरकार को अतिरिक्त रेस्क्यू टीमों की तैनाती और वायु अवलोकन प्रणाली के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग करना चाहिए ताकि वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध हो सके।
  • shivani Rajput
    shivani Rajput मई 12, 2025 AT 16:26
    ये जो लोग बर्फ में जा रहे हैं उनकी बुद्धि नहीं है। ये चारधाम यात्रा एक धार्मिक नहीं बल्कि एक व्यावसायिक निवेश है। जब तुम बर्फ में फंस जाते हो तो तुम्हारी आत्मा नहीं बचती बल्कि तुम्हारा बैंक अकाउंट खाली हो जाता है। इसलिए अगर तुम्हारे पास गर्म कपड़े नहीं हैं तो तुम्हारी यात्रा अपनी मौत की योजना है। और जो लोग ये बता रहे हैं कि भगवान बचाएंगे वो भी बस एक और फर्जी बात है। भगवान तो तुम्हारे लिए नहीं बल्कि तुम्हारे पैसों के लिए हैं।
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