टी20 वर्ल्ड कप से पहले सूर्यकुमार यादव और शुभमन गिल की खराब फॉर्म पर अश्विन ने उठाए सवाल

टी20 वर्ल्ड कप से पहले सूर्यकुमार यादव और शुभमन गिल की खराब फॉर्म पर अश्विन ने उठाए सवाल
  • दिस॰, 15 2025

टी20 वर्ल्ड कप 2025 के दो महीने बाकी हैं, लेकिन भारतीय टीम की टॉप ऑर्डर की फॉर्म एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। कप्तान सूर्यकुमार यादव और उपकप्तान शुभमन गिल दोनों लगातार असफल रहे हैं — और इस बार उनकी गिरावट को कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रही पांच मैचों की श्रृंखला में भारत 2-1 से आगे है, लेकिन इस जीत के पीछे एक बड़ा सवाल छिपा है: जब टीम को जीतने के लिए सबसे ज्यादा रन चाहिए, तो क्या ये दोनों बल्लेबाज अब भी उस जिम्मेदारी को निभा सकते हैं?

फॉर्म का डर, नेतृत्व का बोझ

तीसरे टी20 मैच में शुभमन गिल ने 28 गेंदों में 28 रन बनाए — एक अच्छा स्ट्राइक रेट, लेकिन उपकप्तान के तौर पर इतना कम स्कोर बहुत ज्यादा खतरनाक है। उनके साथ सूर्यकुमार यादव ने उसी मैच में 11 गेंदों में केवल 12 रन बनाए। ये बस एक मैच की बात नहीं। इस साल 18 पारियों में सूर्यकुमार का औसत 14 के करीब है, और उनका सबसे बड़ा स्कोर भी 47 ही रहा। शुभमन ने 15 मैचों में 291 रन बनाए, लेकिन एक अर्धशतक भी नहीं। ये आंकड़े बस रनों की बात नहीं करते — ये विश्वास की कमी की बात कर रहे हैं।

और यही बात टीम मैनेजमेंट के लिए और भी जटिल बना देती है। शुभमन गिल टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं, जबकि सूर्यकुमार टी20 में अपनी नेतृत्व क्षमता का जायजा ले चुके हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने एशिया कप 2025 जीता है, और एक भी टी20 सीरीज नहीं हारी। लेकिन अब ये नेतृत्व का बोझ बर्बरता बन गया है। जब आप टीम के दो नेताओं को एक साथ असफल देखते हैं, तो ये सवाल अपने आप उठता है — क्या नेतृत्व के नाम पर फॉर्म को बर्बाद कर दिया जा रहा है?

अश्विन की आवाज: "उपकप्तान को ड्रॉप करना सही नहीं, लेकिन समय देना भी जरूरी"

यहां आते हैं रविचंद्रन अश्विन। उनकी यूट्यूब शो 'ऐश की बात' में उन्होंने एक ऐसी बात कही जो टीम मैनेजमेंट के लिए बहुत ज्यादा दर्द देती है: "अगर आपने ये फैसला ले लिया है कि शुभमन उपकप्तान हैं, तो आप उन्हें सीरीज के बीच में ड्रॉप नहीं कर सकते।" ये बात बिल्कुल सही है। लेकिन अश्विन ने आगे कहा — और यही बात सबसे ज्यादा चिंता का विषय है — "अगर वो 5 मैचों में प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं, तो फिर फैसला लिया जाना चाहिए।"

अश्विन का मतलब स्पष्ट है: नेतृत्व के नाम पर कोई भी खिलाड़ी अपनी फॉर्म को बर्बाद नहीं कर सकता। टीम के लिए ये एक बड़ा ट्रेडऑफ है — क्या आप एक नेता को उसकी असफलता के बावजूद बरकरार रखेंगे, या फिर टीम के भविष्य को उसके बजाय एक अच्छे फॉर्म में बल्लेबाज को देंगे? अश्विन ने एक और बात जोड़ी: "अगर आप सैमसन को लाना चाहते हैं, तो उपकप्तान को ड्रॉप करना भी लाजमी होगा।" ये बात बहुत गहरी है। ये बताती है कि टीम मैनेजमेंट अब निर्णय लेने के लिए तैयार होना चाहिए।

अभिषेक शर्मा का बचाव: "दोनों बड़े मैच जिताने की क्षमता रखते हैं"

लेकिन यहां एक और आवाज भी है — अभिषेक शर्मा। धर्मशाला में उन्होंने एक तेज पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई, और फिर बोले: "दोनों खिलाड़ी बड़े मैच जिताने की क्षमता रखते हैं।" ये बात भी सही है। शुभमन गिल ने आईपीएल 2025 में गुजरात टाइटंस को प्लेऑफ तक पहुंचाया, और सूर्यकुमार ने टी20 में कप्तानी करते हुए भारत को एक अजेय टीम बना दिया है। ये लोग अभी भी अपने आप को बड़े मैचों में दिखा सकते हैं। लेकिन यही समस्या है — वो अभी तक कोई बड़ा मैच नहीं जीत पाए।

फॉर्म की बात करें तो अभिषेक शर्मा अब भारतीय टीम के लिए एक बहुत बड़ा ऑप्शन है। उनकी बल्लेबाजी का स्टाइल टी20 के लिए बिल्कुल परफेक्ट है। अगर टीम मैनेजमेंट अभी तक अपनी बेस्ट 11 नहीं बना पाई है, तो शायद इसका कारण यही है — वो अभी तक फैसला नहीं ले पाए कि क्या वो अपने नेताओं को विश्वास देना जारी रखें, या फिर उनकी जगह अभिषेक जैसे खिलाड़ियों को दें।

अगला मैच, अगला फैसला

अगला मैच 17 दिसंबर 2025 को लखनऊ में खेला जाएगा। उसके बाद दो मैच और हैं — ये तीन मैच टी20 वर्ल्ड कप के लिए एक अंतिम ट्रायल हैं। टीम मैनेजमेंट के लिए अब ये तीन मैच बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। क्योंकि अगर शुभमन और सूर्यकुमार इनमें भी असफल रहे, तो फिर टीम को एक नया नेतृत्व ढूंढना होगा।

और यहां एक और बात है — अगर टीम मैनेजमेंट इन दोनों को बरकरार रखता है, तो उन्हें इनके साथ एक नया रणनीति बनानी होगी। शायद शुभमन को ओपनिंग में नहीं, बल्कि नंबर 3 पर उतारना चाहिए। और सूर्यकुमार को एक ऐसी भूमिका देनी चाहिए जहां वो बल्लेबाजी के बजाय नेतृत्व पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

टीम का भविष्य, एक असहज निर्णय

भारतीय क्रिकेट टीम के लिए ये एक असहज समय है। आप एक ऐसे नेता को ड्रॉप नहीं कर सकते, जिसने आपको एशिया कप जिताया है। लेकिन आप एक ऐसी टीम को भी नहीं रख सकते, जिसकी टॉप ऑर्डर खाली है। टीम मैनेजमेंट के पास अब दो विकल्प हैं — या तो विश्वास जारी रखें, या फिर बदलाव करें।

लेकिन एक बात तो बिल्कुल स्पष्ट है — दो महीने बाकी हैं। और टीम को अब तक अपनी बेस्ट 11 नहीं बनाई है। ये बात खुद में एक चेतावनी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुभमन गिल को टी20 टीम से हटाना संभव है?

हां, संभव है, लेकिन बहुत मुश्किल। शुभमन टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं, और टी20 में उपकप्तान होने के कारण उन्हें ड्रॉप करना टीम के नेतृत्व संरचना को कमजोर कर देगा। लेकिन अगर वो अगले तीन मैचों में भी 30 रन से कम बनाते हैं, तो टीम मैनेजमेंट को अभिषेक शर्मा या संजू सैमसन को उपकप्तान बनाना पड़ सकता है।

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी अभी भी विश्वसनीय है?

हां, लेकिन केवल नेतृत्व के तौर पर। उनकी कप्तानी में भारत ने एशिया कप जीता है और एक भी टी20 सीरीज नहीं हारी। लेकिन उनकी बल्लेबाजी का औसत 14 होना एक बड़ी समस्या है। अगर वो बल्लेबाजी में असफल रहे, तो उनकी कप्तानी का असर भी कमजोर हो जाएगा। टीम को उनके लिए एक अलग भूमिका तैयार करनी होगी।

अश्विन के बयान का क्या मतलब है?

अश्विन का मतलब है कि टीम मैनेजमेंट ने शुभमन को उपकप्तान बनाया है — इसलिए उन्हें अचानक ड्रॉप नहीं किया जा सकता। लेकिन अगर उनका प्रदर्शन नहीं सुधरा, तो फिर नया फैसला लेना होगा। ये एक स्पष्ट चेतावनी है कि नेतृत्व के नाम पर फॉर्म को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

टीम मैनेजमेंट को क्या करना चाहिए?

टीम मैनेजमेंट को अगले तीन मैचों में शुभमन और सूर्यकुमार को एक नई भूमिका देनी चाहिए — शुभमन को नंबर 3 पर उतारें, और सूर्यकुमार को बल्लेबाजी के बजाय नेतृत्व पर ध्यान देने का मौका दें। अगर फॉर्म नहीं सुधरी, तो अभिषेक शर्मा या संजू सैमसन को टीम में शामिल करना जरूरी होगा।

क्या टी20 वर्ल्ड कप में टीम का गठन बदल जाएगा?

अगर अगले तीन मैचों में शुभमन और सूर्यकुमार अच्छा प्रदर्शन नहीं करते, तो टीम मैनेजमेंट को बदलाव करना होगा। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन दोनों विकल्प हैं। टीम को अब तक बेस्ट 11 नहीं बनाई है — ये बहुत खतरनाक है। टी20 वर्ल्ड कप में बदलाव करना अभी भी संभव है, लेकिन देर हो चुकी है।

17 टिप्पणि
  • UMESH joshi
    UMESH joshi दिसंबर 17, 2025 AT 03:10

    फॉर्म गायब है तो नेतृत्व का बोझ भी बर्बाद कर देता है। शुभमन और सूर्यकुमार दोनों को थोड़ा समय देना चाहिए, लेकिन अगर अगले तीन मैचों में भी ये नंबर नहीं बनाते, तो फिर बदलाव जरूरी है। टीम का भविष्य अभी भी बच सकता है।

  • pradeep raj
    pradeep raj दिसंबर 17, 2025 AT 04:31

    यहाँ एक गहरी विश्लेषणात्मक बात है - नेतृत्व की भूमिका बल्लेबाजी के दबाव को बढ़ा देती है, खासकर जब आप दोनों भूमिकाओं को एक साथ निभा रहे हों। शुभमन को ओपनिंग से हटाकर नंबर 3 पर रखना चाहिए, ताकि वो रन बनाने के लिए फोकस कर सके, न कि टीम के लिए बल्लेबाजी का बोझ उठाने के लिए। और सूर्यकुमार के लिए, उनकी बल्लेबाजी की जगह उनकी रणनीतिक समझ का इस्तेमाल करना चाहिए - वो बैटिंग ऑर्डर के डिज़ाइन में ज्यादा योगदान दे सकते हैं।

  • Vishala Vemulapadu
    Vishala Vemulapadu दिसंबर 18, 2025 AT 08:06

    अश्विन ने सही कहा। अगर उपकप्तान को ड्रॉप नहीं कर सकते तो फिर उनकी फॉर्म बेहतर करो। ये बस एक बात है - नेतृत्व बर्बाद फॉर्म का बहाना नहीं हो सकता। अभिषेक शर्मा को लगाओ, वो बहुत बेहतर है।

  • M Ganesan
    M Ganesan दिसंबर 18, 2025 AT 20:24

    ये सब बकवास है। टीम मैनेजमेंट ने जानबूझकर ये दोनों को बरकरार रखा है क्योंकि वो बॉस के दोस्त हैं। अश्विन की बात सच है, लेकिन वो भी उन्हीं के बैठक में बैठा है। अभिषेक शर्मा को लगाओ और फिर देखो कि टीम कैसे जीतती है। ये सब बस एक फेक नेतृत्व का नाटक है।

  • ankur Rawat
    ankur Rawat दिसंबर 19, 2025 AT 18:33

    दोस्तों, ये सिर्फ बल्लेबाजी की बात नहीं है - ये टीम के आत्मविश्वास की बात है। अगर हम दोनों नेताओं को गिरते हुए देख रहे हैं, तो नए खिलाड़ी भी डर जाते हैं। शुभमन को नंबर 3 पर लगाओ, सूर्यकुमार को बल्लेबाजी के बजाय कप्तानी के लिए छोड़ दो। अभिषेक शर्मा को ओपनिंग में डालो - वो तो बस फायर की तरह जल रहा है। हमें अब डर के बजाय आत्मविश्वास चाहिए।

  • Vraj Shah
    Vraj Shah दिसंबर 21, 2025 AT 13:34

    ये दोनों बस थोड़ा फॉर्म में हैं। अभिषेक को लगाओ, लेकिन उन्हें भी ड्रॉप न करो। एक दिन वो फिर आ जाएंगे। बस थोड़ा धैर्य रखो।

  • Kumar Deepak
    Kumar Deepak दिसंबर 23, 2025 AT 05:53

    अश्विन ने जो कहा, वो बिल्कुल सही है - लेकिन उनकी बात का मतलब है कि टीम मैनेजमेंट बेकार है। अगर वो इतना समझते हैं, तो फिर इतने दिनों तक इन दोनों को क्यों रखा? ये तो बस एक बात है - नेतृत्व के नाम पर बर्बादी चल रही है।

  • Ganesh Dhenu
    Ganesh Dhenu दिसंबर 25, 2025 AT 04:38

    भारत के लिए ये एक बड़ा मोड़ है। अगर नेतृत्व के नाम पर फॉर्म को नजरअंदाज किया जाता है, तो भविष्य में बड़ी समस्या होगी। अभिषेक शर्मा को लगाना चाहिए, लेकिन उन्हें नेतृत्व भी देना चाहिए। नेतृत्व बस नाम नहीं, जिम्मेदारी है।

  • Yogananda C G
    Yogananda C G दिसंबर 25, 2025 AT 09:38

    देखो, टीम मैनेजमेंट को बहुत ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है - बस देखो कि कौन रन बना रहा है। शुभमन और सूर्यकुमार ने अभी तक कुछ नहीं बनाया, तो फिर उन्हें बरकरार रखने का क्या फायदा? अभिषेक शर्मा तो अब बहुत बड़ा ऑप्शन है, और अगर उन्हें ओपनिंग में लगा दिया जाए, तो टीम का लाइफ बिल्कुल बदल जाएगा, और ये बात बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप के लिए अब बहुत कम समय बचा है, और टीम को अभी तक बेस्ट 11 नहीं बनाई है, जो एक बहुत बड़ी चेतावनी है, और इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, और अगर अब भी देरी हुई, तो टीम को बड़ा नुकसान होगा, और ये सिर्फ एक मैच नहीं, ये एक टूर्नामेंट की किस्मत है।

  • Divyanshu Kumar
    Divyanshu Kumar दिसंबर 25, 2025 AT 18:53

    अश्विन के बयान का सार यह है कि नेतृत्व की भूमिका के कारण खिलाड़ियों को अपनी फॉर्म के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन यह एक गलत धारणा है। नेतृत्व का अर्थ असफलता को बर्दाश्त करना नहीं है। टीम मैनेजमेंट को अभिषेक शर्मा को ओपनिंग में लगाना चाहिए और शुभमन को नंबर 3 पर उतारना चाहिए। इससे टीम का बैलेंस बनेगा।

  • Mukesh Kumar
    Mukesh Kumar दिसंबर 26, 2025 AT 11:46

    अभिषेक शर्मा को लगाओ बस! वो बहुत जल रहा है। ये दोनों बस थोड़ा ठंडे हैं - अब गर्म कर दो उन्हें। टीम जीतने के लिए तो फॉर्म चाहिए, न कि नाम।

  • Shraddhaa Dwivedi
    Shraddhaa Dwivedi दिसंबर 26, 2025 AT 17:33

    अगर टीम मैनेजमेंट अभी तक फैसला नहीं ले पाया, तो शायद उन्हें बदलने की जरूरत है। नेतृत्व का नाम लेकर फॉर्म नहीं बर्बाद किया जा सकता। अभिषेक को लगाओ, बस।

  • Govind Vishwakarma
    Govind Vishwakarma दिसंबर 27, 2025 AT 10:18

    फॉर्म नहीं तो नेतृत्व भी बेकार है। ये दोनों अब टीम का बोझ हैं। अभिषेक शर्मा को लगाओ और इन दोनों को बाहर कर दो। टीम के लिए ये एक बचाव है।

  • Shankar Kathir
    Shankar Kathir दिसंबर 28, 2025 AT 20:30

    सुनो, अगर शुभमन को नंबर 3 पर लगा दिया जाए तो उनका दबाव कम होगा। और सूर्यकुमार को बल्लेबाजी के बजाय टीम के साथ बैठकर रणनीति बनाने दो - वो तो बहुत अच्छे विचार रखते हैं। अभिषेक शर्मा को ओपनिंग में डालो - वो तो अब टीम का नया नायक बन गया है। इस तरह टीम बहुत ज्यादा बेहतर हो जाएगी।

  • Bhoopendra Dandotiya
    Bhoopendra Dandotiya दिसंबर 30, 2025 AT 07:29

    एक बात साफ है - टीम मैनेजमेंट ने एक बड़ा गलत फैसला किया है। नेतृत्व के नाम पर फॉर्म को बर्बाद करना एक अपराध है। अभिषेक शर्मा को लगाओ, और अगर शुभमन अगले तीन मैचों में भी 30 रन से कम बनाते हैं, तो उन्हें ड्रॉप करना ही सही फैसला होगा। ये बस एक खेल है, न कि एक राजनीति।

  • Firoz Shaikh
    Firoz Shaikh दिसंबर 30, 2025 AT 11:05

    यहाँ एक विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण है: नेतृत्व के दबाव के कारण बल्लेबाज की फॉर्म प्रभावित होती है। अतः शुभमन गिल को ओपनिंग से हटाकर नंबर 3 पर रखना चाहिए, ताकि वे बल्लेबाजी के लिए फोकस कर सकें, जबकि सूर्यकुमार यादव को एक ऐसी भूमिका दी जानी चाहिए जहाँ वे बल्लेबाजी के बजाय टीम के रणनीतिक निर्णयों में भाग ले सकें। अभिषेक शर्मा को ओपनिंग में लगाना एक तार्किक और आवश्यक चरण है, जो टीम के भविष्य के लिए एक नया मानक स्थापित करेगा।

  • Uma ML
    Uma ML जनवरी 1, 2026 AT 09:22

    अश्विन जैसे लोगों की बातें बिल्कुल बेकार हैं - उन्होंने तो खुद भी अपने खेल में फॉर्म खो दिया था। ये दोनों बल्लेबाज अभी भी बड़े मैच जीत सकते हैं। अभिषेक शर्मा को लगाने की जरूरत नहीं, बस उन्हें एक बार अच्छा मैच खेलने दो।

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